🚗 Delhi-NCR के Vehicle Owners को बड़ी राहत
Supreme Court ने मंगलवार को एक अहम आदेश देते हुए कहा कि Delhi-NCR में 10 साल से पुराने Diesel और 15 साल से पुराने Petrol वाहनों के मालिकों पर फिलहाल कोई coercive action नहीं लिया जाएगा। यह अंतरिम राहत अगले 4 हफ्तों तक लागू रहेगी, जब तक कि कोर्ट मामले की अगली सुनवाई नहीं कर लेता।
यह आदेश Delhi Government की उस याचिका पर आया, जिसमें 2018 के Supreme Court के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी। उस फैसले में ऐसे पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया था ताकि air pollution को कम किया जा सके।
📜 पृष्ठभूमि: Ban कैसे शुरू हुआ?
- 2015: National Green Tribunal (NGT) ने आदेश दिया कि Delhi-NCR में 10 साल पुराने Diesel और 15 साल पुराने Petrol vehicles चलाना मना होगा।
- 2018: Supreme Court ने इस आदेश को uphold किया और इसे लागू करने को कहा।
- 2024-25: Commission for Air Quality Management (CAQM) ने 1 जुलाई 2025 से ऐसे वाहनों को fuel supply बंद करने की योजना बनाई, जिसे public backlash के बाद नवंबर तक टाल दिया गया।

⚖️ Delhi Government की दलील
Delhi सरकार ने कहा कि blanket age-based ban अब scientifically और technically justified नहीं है क्योंकि:
- BS VI norms अप्रैल 2020 से लागू हैं, जो BS IV की तुलना में 80% कम particulate matter और 70% कम nitrogen oxides emit करते हैं।
- कई BS IV और BS VI vehicles, जिनके पास valid Pollution Under Control (PUC) certificates हैं और कम चलाए गए हैं, pollution में नगण्य योगदान करते हैं।
- Vehicle की roadworthiness और emissions का आंकलन age limit के बजाय regular scientific testing से होना चाहिए।
Delhi के Environment Minister Majinder Singh Sirsa ने कहा:
“Pollution को tackle करना जरूरी है, लेकिन policy data-backed और fair होनी चाहिए, blanket ban से नहीं।”
🏛️ Supreme Court की सुनवाई
Solicitor General Tushar Mehta ने कहा कि issue को reconsider करना जरूरी है। उन्होंने example दिया कि एक private car सिर्फ 2000 km कई सालों में चल सकती है लेकिन फिर भी 10 साल में scrap करनी पड़ती है, जबकि taxi एक साल में 2 लाख km चलकर भी age limit तक सड़क पर रह सकती है।
Chief Justice BR Gavai ने कहा:
“पहले लोग 40-50 साल तक कार इस्तेमाल करते थे, आज भी vintage cars मौजूद हैं।”
Bench ने कहा कि वे बिना दूसरी पार्टी को सुने final order नहीं देंगे, लेकिन तब तक कोई भी coercive step ना लिया जाए।
🌏 Pollution के कई कारण
Delhi सरकार ने कोर्ट को याद दिलाया कि vehicular emissions pollution के कई कारणों में से सिर्फ एक हैं। Stubble burning, industrial pollution, construction dust और weather conditions भी AQI खराब करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

🔍 आगे क्या?
Supreme Court अब Centre या CAQM से scientific study कराने का आग्रह कर सकता है, जिससे ये तय हो सके कि age-based ban से वास्तव में environmental benefit कितना है।
अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी और तब तक लाखों vehicle owners के लिए राहत बनी रहेगी।