Rahul Gandhi का दावा — “एक वोटर ने दो बार डाला वोट”
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी गड़बड़ी का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि Bangalore Central की महादेवपुरा विधानसभा सीट में एक ही वोटर ने दो बार वोट डाला। इसके “प्रूफ” के तौर पर उन्होंने Shakun Rani नाम की एक महिला का वोटर लिस्ट एंट्री और फोटो दिखाया, जिसमें दो अलग-अलग तस्वीरें और स्पेलिंग्स के साथ नाम दर्ज थे। दोनों एंट्रीज़ में ‘voted’ मार्क था।
Election Commission की प्रतिक्रिया
Karnataka Chief Electoral Officer (CEO) ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर आरोपों के सबूत मांगे।
CEO का कहना है कि —
“आप जिस tick-marked पेपर को पोलिंग ऑफिसर द्वारा जारी बताया रहे हैं, वह जांच में सही नहीं पाया गया।”
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने दावा किया कि Shakun Rani ने सिर्फ एक बार वोट डाला था, और उन्होंने खुद राहुल गांधी के आरोप को नकारा।

Rahul Gandhi vs Election Commission
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि Election Commission (EC), BJP के साथ मिलकर “elections चुराने” की साजिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि महादेवपुरा में vote theft हुआ और आंकड़े पेश किए:
- 11,965 Duplicate Voters
- 40,009 Fake/Invalid Addresses
- 10,452 Bulk Voters (एक ही address)
- 4,132 Invalid Photos
- 33,692 voters ने Form 6 का गलत इस्तेमाल
राहुल का दावा है कि महादेवपुरा सीट पर 1.14 लाख वोट गड़बड़ी के कारण प्रभावित हुए, जिसके चलते कांग्रेस हार गई।
Bangalore Central में चुनावी नतीजे
2024 लोकसभा चुनाव में Bangalore Central में कड़ा मुकाबला हुआ। कांग्रेस के Mansoor Ali Khan शुरुआती रुझानों में आगे थे, लेकिन BJP के PC Mohan ने 32,707 वोटों से जीत दर्ज की।
राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस ने 7 में से 6 विधानसभा सेगमेंट जीते, लेकिन महादेवपुरा में भारी वोट अंतर के कारण हार मिली।
Data Access पर सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि EC ने machine-readable voter list देने से इनकार कर दिया, जिससे जांच मुश्किल हुई।
उनके अनुसार —
“अगर EC ने इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में डेटा दिया होता तो 30 सेकेंड में fraud पकड़ लेते।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को non-machine-readable पेपर्स दिए गए, जिससे वेरिफिकेशन में 6 महीने लग गए।
Election Commission का पलटवार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से कहा कि या तो सबूत के साथ signed affidavit जमा करें या फिर “बेसलेस आरोप” लगाना बंद करें।
कर्नाटक चुनाव प्राधिकरण ने भी राहुल से सवाल किया कि उन्होंने अब तक औपचारिक शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई।

नतीजा
यह मामला भारतीय राजनीति में चुनावी पारदर्शिता और वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता पर एक और बहस को जन्म देता है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करते हैं या नहीं, और EC इस विवाद को कैसे सुलझाता है
Hashtags: