अश्लीलता के खिलाफ सख्त कदम: केंद्र सरकार ने 25 ओटीटी ऐप्स पर लगाया बैन!
डिजिटल इंडिया के बढ़ते युग में ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स मनोरंजन का नया जरिया बन चुके थे, लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए 25 मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय, और अन्य संस्थाओं के विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। बैन किए गए ऐप्स में ULLU, ALTT, Desiflix, Big Shots, Boomex, Navarasa Lite, Gulab App, Kangan App, Bull App, Jalva App, Wow Entertainment, Look Entertainment, Hitprime, Feneo, ShowX, Sol Talkies, Adda TV, HotX VIP, Hulchal App, MoodX, NeonX VIP, ShowHit, Fugi, Mojflix और Triflicks शामिल हैं
क्यों लिया गया यह बड़ा कदम?
सरकार को बीते महीनों में इन ऐप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिनमें कहा गया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, आपत्तिजनक विज्ञापन और सेक्सुअल सीन दिखाए जा रहे थे, जो न केवल सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को नुक़सान पहुँचा रहे थे, बल्कि देश के कानूनों का भी स्पष्ट उल्लंघन कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक़, कई ऐप्स के करोड़ों डाउनलोड थे और लाखों यूज़र्स इनमें से ट्रेलर, क्लिप्स या सदस्यता लेकर ऐसे कंटेंट तक पहुँच रहे थे!
कौन-कौन से कानूनों का उल्लंघन?
यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act), उसकी धारा 67 और 67A, भारतीय दंड संहिता की धारा 292 (IPC 292), और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन के आधार पर की गई है। इन धाराओं के तहत पोर्नोग्राफ़िक, नग्नता भरा, या अश्लील सामग्री प्रसारित करना अपराध है। सरकार का तर्क है कि इन ऐप्स ने बार-बार चेतावनियों के बावजूद गैर-कानूनी कंटेंट परोसना नहीं रोका, इसलिए अब कानूनी तौर पर इनकी सार्वजनिक पहुँच रोकी गई है।

सरकार का क्या उद्देश्य है?
इस बैन का प्रमुख उद्देश्य बच्चों, युवाओं और समाज को ऐसे डिजिटल कंटेंट के नकारात्मक प्रभाव से बचाना है, जो पारिवारिक, सांस्कृतिक और कानूनी सीमाओं को पार कर रहे थे। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते दुष्प्रचार, यौन संकेतों और खुली अश्लीलता के चलते समाज में गलत संदेश जा रहा था। इस फैसले के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट किया कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता और गैर-जिम्मेदाराना कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऐप्स और वेबसाइट्स कैसे बैन किए गए?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि ये सभी ऐप्स, वेबसाइट्स और इनसे जुड़े लिंक देशभर में किसी भी डिवाइस पर न चल सकें। अब ये ऐप्स न तो डाउनलोड हो सकेंगे और न ही वेबसाइट्स भारत में विजिट की जा पाएंगी।
डिजिटल मीडिया पर नियंत्रण जरूरी क्यों?
कुछ महीनों पहले सरकार ने इन ऐप्स को कंटेंट सुधारने की चेतावनी भेजी थी, लेकिन पालन नहीं होने पर यह कदम जरूरी समझा गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, ओटीटी दुनिया को रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की आज़ादी मिलनी चाहिए, मगर समाज के मूल्यों व कानूनों की अनदेखी कर अश्लीलता नहीं फैलाई जा सकती। यही वजह है कि अब ऐसे किसी भी प्लेटफार्म पर सरकार की पैनी नजर रहेगी।

समाज में संतुलन की पहल
यह फैसला डिजिटल इंडिया के लिए एक सशक्त और संतुलित पहल है। समाज को स्वच्छ और सुरक्षित डिजिटल वातावरण देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम बाकी प्लेटफॉर्म्स के लिए भी कड़ा संदेश है—मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता नहीं चलेगी।
निष्कर्ष
भारत सरकार का यह निर्णय डिजिटल स्पेस में नियम, संस्कृति और नैतिकता को बरकरार रखने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। अब देखना होगा कि बाकी प्लेटफॉर्म्स इसकी मिसाल लेकर कैसे अपने कंटेंट पर संतुलन कायम करते हैं।