राखी की डोर से जुड़ा भरोसे का रिश्ता — भिवानी में पुलिस अधिकारी बना परीक्षार्थियों का “रक्षक भाई”
हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (HTET) के दौरान, भिवानी में मानवीयता और कर्तव्यपरायणता का एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया, जिसने पुलिस और जनता के रिश्ते को एक नई परिभाषा दी दी।बारिश और जलभराव के कारण 31 जुलाई को पूरा शहर अस्त-व्यस्त था। लेकिन इसी अफरा-तफरी में भिवानी शहर थाना प्रभारी एसएचओ सत्यनारायण शर्मा परीक्षार्थियों के लिए फरिश्ता बनकर उभरे।जहां एक ओर यातायात ठप था, वहीं दूसरी ओर एसएचओ शर्मा अपनी निजी गाड़ी से विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में जुटे हुए थे। किसी को गाड़ी में बैठाकर ले गए, तो किसी को स्टूडियो जाकर दस्तावेज दिलवाए। उनके प्रयासों से लगभग 20 विद्यार्थियों की परीक्षा मिस होने से बच गई।

भावनात्मक लम्हा — सबसे दिल को छू लेने वाला पल तब आया, जब एक महिला परीक्षार्थी, जिसके पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे, परीक्षा केंद्र से बाहर कर दी गई। वह निराश और रोती हुई खड़ी थी। एसएचओ शर्मा ने न सिर्फ उसे अपनी गाड़ी से फोटो स्टूडियो ले जाकर डॉक्युमेंट्स बनवाए, बल्कि समय रहते उसे परीक्षा केंद्र भी पहुंचा दिया।इस संवेदनशील मदद से भावुक होकर युवती ने अपनी कलाई की राखी खोलकर एसएचओ को बांध दी। यह राखी, एक पुलिसवाले को ‘रक्षक भाई’ का मान देने का प्रतीक बन गई।प्रशासन की तैयारी रंग लाईभिवानी के एसएसपी श्री मनवीर सिंह, आईपीएस ने पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि खराब मौसम को देखते हुए कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित न हो। उस आदेश की प्रेरणा से एसएचओ शर्मा और उनकी टीम ने वाकई में पुलिस की “जनसेवा” वाली तस्वीर पेश की।जब कुछ विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड पर चेहरे साफ नहीं दिखे, तो उन्हें स्टूडियो लेकर जाया गया। किसी के पास फोटो नहीं थी तो किसी के रोल नंबर में गड़बड़ी थी। हर केस को व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझकर निपटाया गया।
संदेश — पुलिस सिर्फ कानूनी नहीं, मानवीय सेवा का भी प्रतीक हैयह घटना दिखाती है कि वर्दी में न सिर्फ कानून का अनुशासन होता है, बल्कि दिल भी होता है। एक पुलिस अधिकारी की ये “भाई वाली मदद” आने वाले वक्त में पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत करने वाली मिसाल बनेगी।